जिला ब्यूरो चीफ संदीप दीक्षित
बांदा। शहर में शारदीय नवरात्र महोत्सव की गहमागहमी तेज हो चुकी है। देवी प्रतिमाओं की स्थापना से लेकर विसर्जन तक की तैयारियों में प्रशासन की सुस्ती को लेकर अब केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को समिति के प्रमुख संरक्षक पूर्व विधायक राजकुमार शिवहरे और जिलाध्यक्ष अमित सेठ भोलू की अगुवाई में भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत के साथ दर्जनों लोगों नें डीएम को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। समिति ने साफ कहा कि नवरात्र महोत्सव जिले का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से हर साल श्रद्धालु असुविधा झेलते हैं। इस बार हालात बिगड़े तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। समिति ने विशेष तौर पर मांग की है कि शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों और दुर्गा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस की तैनाती हो। लटकते हुए बिजली के तारों को हटाया जाए और नवरात्र के दौरान बिजली कटौती न हो। सड़क पर अवारा पशु और भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित किया जाए। पेयजल की सुबह-शाम नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो। विसर्जन जुलूस के मार्ग को गड्ढामुक्त और अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। सड़क लाइटें दुरुस्त की जाएं और विसर्जन घाटों पर हाइड्रा मशीनें, नाव, हाथठेला और स्टीमर की व्यवस्था हो।
विसर्जन मार्ग पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। समिति ने साथ ही मांस-मदिरा की दुकानों को बंद रखने की पुरजोर मांग की, ताकि धार्मिक वातावरण की गरिमा बनी रहे। समिति के महामंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत ने भी ज्ञापन में शामिल होकर महोत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाया। उनका कहना था कि यह पर्व लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था में कोई कमी बर्दाश्त नहीं होगी।
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